लड़कियों को यह कैसे पता चलता की कोई उन्हें गलत नज़र से देख रहा है?
लड़कियों को यह कैसे पता चलता की कोई उन्हें गलत नज़र से देख रहा है? आंखों की एक अलग ही दुनिया होती हैं या यूं कहें कि,एक अलग किताब,जिसमें ना जानें कितने अध्याय होते हैं। कभी दिल को सुकून देने वाली नज़र,कभी अपने दर्दों को समझने वाली नज़र,तो कभी एक ऐसी नज़र,जिसे देख कर लगता है कि,हा! मेरा भी कोई अपना हैं इस भीड़ में। जिस तरह सिक्के के दो पहलू होते हैं,ठीक उसी प्रकार,नज़र के भी कई ऐसे पहलू हैं जो हमें भयभीत करने वाली,डराने वाली या हमें मानसिक चोट पहुंचाने वाली होती हैं। ईर्ष्या से देखी जानें वाली नज़र,एक अदृश्य नज़र के समान होती हैं लेकिन बहुत ही ज्यादा हानिकारक होती हैं, जो हमें पल पल एक अज्ञात खतरे की भांति हमारे सर पर लटकी नंगी तलवार की तरह होती हैं,जो हमें किसी भी पल नुकसान पहुंचा सकती हैं। अब हम अपने मुख्य प्रश्न पर आतें हैं कि लड़कियों को कैसे पता चल जाता हैं कि कोई उन्हें गलत नज़र से देख रहा हैं। तो जहां तक मुझे ज्ञात हैं,इसका कोई बायोलॉजिकल कारण तो नहीं हैं। लेकिन यह जरूर कह सकते हैं कि ये उनकी समझदारी तथा भले बुरे परिस्थितियों की एक शक्तिशाली समझ...